Ram Chandra Prasad Singh
  • HOME
  • ABOUT US
  • BLOGS
  • CONNECT

रामचंद्र प्रसाद सिंह-जयंती अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ जयंती पर उन्हें शत शत नमन

  • By
  • Ram Chandra Prasad Singh Ram Chandra Prasad Singh
  • October-21-2022

"कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे, 

आज़ाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे..!!"

देश की आजादी के लिए मर मिटने वाले शहीदों में अशफाक़ उल्ला खान का नाम बेहद गर्व से लिया जाता है। एक ऐसा युवा क्रांतिकारी जिसने काकोरी कांड में अहम भूमिका निभाई और अंग्रेजी सरकार को नाकों चने चबवा दिए थे। केवल 26 वर्ष की आयु में मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे देने वाले इस वीर शहीद का जन्म 22 अक्टूबर 1900 में उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के शहीदगढ़ में हुआ था। उनके पिता पुलिस विभाग में कार्यरत थे और अशफाक़ चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका परिवार सरकारी नौकरी से जुड़ा था लेकिन शहीद अशफाक़ के मन में अपने वतन के लिए अद्भुत प्रेम था। 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दू-मुस्लिम एकत्व का बेजोड़ उदाहरण अशफाक़ उल्ला खान एक क्रांतिकारी होने के साथ साथ शायरी भी किया करते थे, देशप्रेम से लबरेज उनकी कलम युवाओं में जोश और जुनून भरने का जज़्बा रखती है। उन्होंने काकोरी कांड में अहम भूमिका निभाते हुए सरकारी खजाना लूट लिया था, जिसके बाद ब्रिटिश शासन ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाकर उन्हें 19 दिसम्बर, 1927 को फैजाबाद जेल में फांसी पर लटका दिया था। उनकी स्मृति में वहां आज अमर शहीद अशफाक़ उल्ला खान द्वार भी बना हुआ है।

जंग-ए-आजादी के इस महानायक से वास्तव में आज के युवाओं को बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है, आज जहां अपने ही देश में अपने ही देशवासी धर्म-संप्रदाय के नाम पर एक दूसरे का गला काटने को तैयार हैं और सरकारें इसका लाभ वोट बैंक के लिए ले रही हैं। वहीं अशफाक़ उल्ला खान भारत माता के एक ऐसे सच्चे सिपाही थे, जिन्हें गिरफ़्तारी के बाद अंग्रेजी सरकार ने अन्य क्रांतिकारियों के खिलाफ सरकारी गवाह बनाने की हर कोशिश की, यहां तक कि उन्हें कहा गया कि देश की आजादी के बाद भी हिंदुओं का राज होगा और मुस्लिमों को कुछ नहीं मिलेगा, तो भी वीर अशफाक़ ने एक ही बात कही कि, 

"अंग्रेजी हुकूमत हिन्दू−मुसलमानों में फूट डालकर आजादी की लड़ाई को नहीं दबा सकती। हिन्दुस्तान में क्रांति की ज्वाला भड़क चुकी है, जो अब अंग्रेजी साम्राज्य को जलाकर राख कर देगी। अपने दोस्तों के खिलाफ मैं सरकारी गवाह कभी नहीं बनूंगा।"

     

हमसे ईमेल या मैसेज द्वारा सीधे संपर्क करें.

क्या यह आपके लिए प्रासंगिक है? मेसेज छोड़ें.

More

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह-भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामास्वामी वेंकटरमण जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह - अस्थावां विधानसभा सम्मेलन — छोटी मलाँवा, सरमेरा में जनसमर्पण का संगम

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह- जम्मू के कुपवाड़ा में शहीद हुए बिहार रेजिमेंट के वीर जवान स्व॰ सिकंदर राउत जी को अर्पित की श्रद्धांजलि

  • रामचन्द्र प्रसाद सिंह- बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. आर. एन. सिंह जी की श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह- हाजीपुर में स्व. भोला राय जी के श्राद्ध कार्यक्रम में जाकर अर्पित की श्रद्धांजलि

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह- गया के खिजरसराय में माँ कर्मा देवी जी की 107वीं जयंती का हुआ आयोजन

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह- माहे रमजान के अवसर पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में किए शिरकत

  • रामचंद्र प्रसाद सिंह- पुनपुन ,पटना में आप सबकी आवाज़ (राष्ट्रीय) पार्टी “आसा" के स्थानीय कार्यालय का हुआ उद्घाटन

  • आरसीपी सिंह - राजगीर में "आसा" का भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन संपन्न, 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी हुई तेज़

  • आरसीपी सिंह - नई पार्टी 'आप सबकी आवाज' का गठन, 26 उपाध्यक्ष और 32 महासचिव की नियुक्ति की घोषणा

  • आरसीपी सिंह - 2025 में बिहार को मिलने जा रहा है नया विकल्प, नई पार्टी बनाएंगे आरसीपी सिंह

  • आरसीपी सिंह - गिरिराज सिंह के हिंदू मुस्लिम वाले बयान को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ

  • आरसीपी सिंह - नीतीश कुमार जी के गिरते स्वास्थ्य पर जताई चिंता, गांधी मैदान में हुए घटनाक्रम को बताया विचलित करने वाला

Read More

© rcpsingh.org & Navpravartak.com

  • Terms
  • Privacy