रामचंद्र प्रसाद सिंह-अब्दुल कलाम जी अब्दुल कलाम जयंती की जयंती पे उन्हें शत् शत् नमन
- By
Ram Chandra Prasad Singh - October-14-2022
मिसाइलमैन के नाम से ख्याति प्राप्त पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न एपीजे अब्दुल कलाम की आज जयंती है. उनका जन्म 15 अक्टू्बर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्व्रम में हुआ था और उनका बचपन बहुत से संघर्षों के साथ बीता किंतु इन सबके बावजूद भी कलाम साहब ने हिम्मत नहीं हारते हुए अपने जीवन को एक मिसाल के रूप में हम सभी के सामने रखा. कलाम साहब का पूरा जीवन देश सेवा और मानवता को समर्पित रहा, शिक्षा के प्रति समर्पित डॉ कलाम बेहद गरीबी में जन्में थे और रेलवे स्टेशन पर अखबार बेच कर उन्होंने शिक्षा प्राप्त की. यही वजह है कि एपीजे अब्दुल कलाम का यह विचार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है- सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखते हैं, सपने वो हैं जो आपको नींद ही नहीं आने दें.
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज से शिक्षा पूरी की और वर्ष 2002 में भारत के राष्ट्रपति का सम्मानित पद उन्हें मिला. अपने पांच वर्ष के कार्यकाल के बाद उन्होंने शिक्षा, लेखन इत्यादि में अपना समय व्यतीत किया. भारत रत्न के साथ साथ रामानुजन पुरस्कार, पदम् विभूषण, डॉक्टर ऑफ साइंस आदि जैसे बहुत से सम्मान मिले थे, विद्यार्थियों और बच्चों से डॉ कलाम को बेहद लगाव था. 27 जुलाई, 2015 में आईआईएम शिलॉंग में विद्यार्थियों को लेक्चर देने के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हुआ. आज भले ही डॉ कलाम भौतिक रूप से हमारे आस पास नहीं हैं किंतु उनके विचार आज भी सभी के लिए प्रेरणा बनकर सामने खड़े हैं. उनके ऐसे ही कुछ विचार इस प्रकार हैं...
1. जीवन में फेल होते हैं तो कभी हार न मानें क्योंकि फेल (FAIL) मतलब फर्स्ट अटैम्प्ट इन लर्निंग होता है.
2. इंतजार करने वालों को सिर्फ उतना ही मिलता है जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं.
3. महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं.
4. शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपका पेशा.
5. भगवान ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. ईश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है.
6. अगर किसी देश को भ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना है तो, मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं: माता, पिता और गुरु.
7. काले रंग को भावनात्मक रूप से बुरा माना जाता है लेकिन हर ब्लैक बोर्ड विधार्थियों की जिंदगी को ब्राइट बनाता है.
More
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह-भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामास्वामी वेंकटरमण जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह - अस्थावां विधानसभा सम्मेलन — छोटी मलाँवा, सरमेरा में जनसमर्पण का संगम
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह- जम्मू के कुपवाड़ा में शहीद हुए बिहार रेजिमेंट के वीर जवान स्व॰ सिकंदर राउत जी को अर्पित की श्रद्धांजलि
-
रामचन्द्र प्रसाद सिंह- बिहार सरकार के पूर्व मंत्री स्व. आर. एन. सिंह जी की श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह- हाजीपुर में स्व. भोला राय जी के श्राद्ध कार्यक्रम में जाकर अर्पित की श्रद्धांजलि
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह- गया के खिजरसराय में माँ कर्मा देवी जी की 107वीं जयंती का हुआ आयोजन
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह- माहे रमजान के अवसर पर आयोजित दावत-ए-इफ्तार में किए शिरकत
-
रामचंद्र प्रसाद सिंह- पुनपुन ,पटना में आप सबकी आवाज़ (राष्ट्रीय) पार्टी “आसा" के स्थानीय कार्यालय का हुआ उद्घाटन
-
आरसीपी सिंह - राजगीर में "आसा" का भव्य कार्यकर्ता सम्मेलन संपन्न, 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारी हुई तेज़
-
आरसीपी सिंह - नई पार्टी 'आप सबकी आवाज' का गठन, 26 उपाध्यक्ष और 32 महासचिव की नियुक्ति की घोषणा
-
आरसीपी सिंह - 2025 में बिहार को मिलने जा रहा है नया विकल्प, नई पार्टी बनाएंगे आरसीपी सिंह
-
आरसीपी सिंह - गिरिराज सिंह के हिंदू मुस्लिम वाले बयान को बताया लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ
-
आरसीपी सिंह - नीतीश कुमार जी के गिरते स्वास्थ्य पर जताई चिंता, गांधी मैदान में हुए घटनाक्रम को बताया विचलित करने वाला