रामचंद्र प्रसाद सिंह-इंदिरा गाँधी जी की जयंती इंदिरा गांधी जयंती पर उन्हें शत् शत् नमन
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Ram Chandra Prasad Singh - November-18-2022
19 नवंबर, 1917 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में एक प्रतिष्ठित परिवार में जन्मी इंदिरा गांधी का बचपन का नाम प्रियदर्शिनी था। आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की सुपुत्री इंदिरा गांधी की शिक्षा देश विदेश के बड़े बड़े संस्थानों जैसे बेक्स (स्विट्ज़रलैंड), जिनेवा, पीपल्स ऑन स्कूल (मुंबई और पूना), ब्रिसटल, ऑक्सफोर्ड, शांति निकेतन आदि से हुई थी। इसके अतिरिक्त उन्हें बहुत से सर्वश्रेष्ठ विश्वविध्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि भी प्राप्त थी। बाल्य अवस्था से ही स्वतंत्रता संग्राम में जुड़ी रही इंदिरा गांधी ने "बाल चरखा संघ" की स्थापना की, उन्होंने महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन के लिए 1930 में बच्चों के साथ मिलकर "वानर सेना" का निर्माण किया था। देश की आजादी की लड़ाई में 1942 में उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
"एक राष्ट्र की शक्ति उसकी आत्मनिर्भरता में है, दूसरों से उधार लेकर काम चलाने में नहीं", ऐसे जुझारू और प्रेरणादायक विचारों पर चलने वाली आयरन लेडी इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के रूप में बैंकों का राष्ट्रीयकरण और गरीबी उन्मूलन जैसे बड़े कदम उठाए। इंदिरा गांधी को भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बेहद मजबूत इरादों वाली राजनेता के रूप में याद किया जाता है। 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के समय भी उन्होंने बेहतरीन नेतृत्व का प्रदर्शन किया था। देश को परमाणुशक्ति संपन्न बनाने की दिशा में बढ़ने के लिए ज़रूरी परमाणु परीक्षण पहली बार इंदिरा गांधी के कार्यकाल में ही किए गए थे। जानिए इंदिरा गांधी के जीवन से जुड़ें कुछ अहम बिंदु..
1. सर्वप्रथम 1955 में इंदिरा गांधी काँग्रेस कार्य समिति और केन्द्रीय चुनाव समिति की सदस्या बनी।
2. काँग्रेस पार्टी को मजबूती देने के विभिन्न पदों पर बने रहने के बाद 1959-60 तक वह भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की अध्यक्षा रही और 1978 में एक बार फिर उन्होंने यह पदभार संभाला।
3. 1966 में वह सूचना व प्रसारण विभाग में मंत्री रही।
4. जनवरी 1966 से लेकर मार्च 1977 तक वह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के पद पर रही, इसके साथ साथ वह परमाणु ऊर्जा मंत्री भी नियुक्त हुई थी।
5. उन्होंने अपने कार्यकाल में विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अंतरिक्ष मंत्रालय का जिम्मा भी संभाला। साथ ही योजना आयोग के अध्यक्ष पद पर भी इंदिरा गांधी ने अपनी सेवाएँ दी।
6. 1980 में एक बार फिर प्रधानमंत्री पद पर चुनी गई। उन्हें भारत रत्न पुरस्कार, नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा साहित्य वाचस्पति पुरस्कार एफएओ द्वारा दूसरा वार्षिक पदक सम्मान रूप में प्रदान किया गया था।
7. बांग्लादेश की स्वतंत्रता के लिए उन्हें मैक्सिकन अकादमी पुरस्कार, अमरीका से मदर पुरस्कार, इटली से डी एस्टे पुरस्कार आदि भी प्राप्त हुए थे।
8. इंदिरा गांधी न केवल भारत की पहली और इकलौती महिला प्रधानमंत्री रही बल्कि अमेरिका द्वारा कराए गए विशेष गैलप जनमत सर्वेक्षण के अनुसार वह दुनिया की सबसे लोकप्रिय महिला भी थी।
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